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नॉएडा, उत्तर प्रदेश (स्थानीय संवाददाता)।
सामजिक संस्था वेलमैन फाउंडेशन के द्वारा आयोजित प्लॉगिंग रन कार्यक्रम को पर्यावरण और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए अनूठी पहल के तौर पर देखा जा रहा है। 18 मई को नॉएडा में आयोजित इस अनूठे कार्यक्रम में एक सौ से अधिक वालंटियर्स और स्थानीय निवासियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। ‘प्लॉगिंग रन’ के आयोजन के पीछे संस्था का उद्देश्य पर्यावरण और स्वास्थ के प्रति लोगो को जागरूकता करना था।

‘प्लॉगिंग रन’ पश्चिमी जगत से भारत में आई हुई अवधारणा है जो अंग्रेजी भाषा के दो शब्दों “पॉलीथीन” और “जॉगिंग” से मिलकर बना है। ‘प्लॉगिंग रन’ में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागी अपने हाथों में पॉलीथीन लेकर जॉगिंग के लिए निकलते हैं और रास्ते में जहाँ कहीं भी सड़क और गलियों में कूड़ा बिखरा हुआ दिखाई पड़ता है, उसको पॉलीथीन में उठाते हुए आगे बढ़ते जाते हैं। पर्यावरण और स्वास्थ्य से जुड़े इस अनूठे दौड़ में लोगों की सेहत भी बनती है और आस-पास का क्षेत्र साफ़-सुथरा भी हो जाता है।

यह तथ्य भी सामने आया है कि प्लॉगिंग सामान्य रनिंग की तुलना में अधिक कैलोरी को बर्न करने में कारगर होता है क्योंकि पॉलीगर्स सामान्य रनिंग की तुलना में कुछ अधिक शारीरिक क्रिया करते हैं। कूड़ा उठाने के लिए झुकना और उसको पॉलीथीन में लेकर आगे बढ़ते रहने में सामान्य जॉगिंग के मुकाबले अधिक ऊर्जा खर्च होती है, जिससे स्वास्थ्य को दोगुना लाभ मिलता है। कचरे के थैलों को उठाकर रखने और चलने से हाथों और पैरों की कसरत भी होती है।

वेलमैन फाउंडेशन के चेयरमैन तैयब हुसैन ने प्लॉगिंग के महत्व को बताते हुए कहा कि “नियमित जॉगिंग से आधे घंटे में औसतन 235 कैलोरी बर्न होती है जबकि प्लॉगिंग से 288 कैलोरी खर्च होती है। प्लॉगिंग की सहायता से हम भविष्य में माइक्रो प्लास्टिक खाने वाले हमारे बच्चों को और प्लास्टिक सेवन के कारण समुद्री जीवों, मछलियों और जानवरों को मरने से भी बचा सकते हैं।” नॉएडा के सेक्टर 71 में आयोजित इस कार्यक्रम में वेलमैन फाउंडेशन से जुड़े 100 से ज्यादा वालंटियर्स और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समाजसेवी तैयब हुसैन, शिल्पी सिंह, रोहतास बसोया, आर.बी. सिंह, नीलम झा, मनीष झा, धनराज चौहान और नीरज बघेल ने सक्रियता से योगदान दिया।