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भाजपा में सिर्फ कुछ लोगों की मर्जी चलती है, यह बात भाजपा के नेता प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर कई बार कह चुके हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को किस तरह हाशिये पर डाल दिया गया है, यह बात भी किसी से छिपी नहीं है। अब भाजपा में नामी नेता भी पीएम से मिलने का समय मांगते रहते हैं लेकिन उन्हें समय नहीं मिलता।

जरा सोचिए जब पीएम के पास अपनी ही बिरादरी के बड़े नेता से मिलने का समय नहीं है तो आम जनता सोच भी नहीं सकती के उसे पीएम से मिलने का समय मिल सकता है।

दरअसल भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने एक बार फिर बागी तेवर दिखाते हुए दावा किया कि आज की भाजपा वह भाजपा नहीं रह गई है जो अटल बिहारी वाजपेयी एवं लाल कृष्ण आडवाणी के जमाने में थी।

सिन्हा ने कहा, ”आज जो भाजपा है वह अटल जी एवं आडवाणी जी की भाजपा नहीं है।” उन्होंने कहा, ”अटल जी एवं आडवाणी जी के काम करने का जो तरीका था, जो शैली थी, वह बिलकुल भिन्न थी।”

सिन्हा ने कहा कि एक साधारण कार्यकर्ता जबलपुर से जाकर भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष आडवाणी से पहले से समय लिए बिना मिल सकता था। लेकिन आज वह व्यवस्था बदल गई है।

सिन्हा ने बताया, ”मैंने 13 माह पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने के लिए समय मांगा था। वह समय हमें आज तक नहीं मिला है।” उन्होंने कहा, ”चूंकि समय नहीं मिला, तो मैंने तय किया है कि अब मैं सरकार में बैठे किसी भी व्यक्ति से बात नहीं करूंगा। बात होगी तो सार्वजनिक तौर पर होगी। बंद कमरे में नहीं होगी।”

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने जिन मुद्दों का विरोध किया था, सरकार में आने के बाद उन मुद्दों को स्वीकार कर रही है।

सोचने वाली बात है कि जब मोदी जी के पास इतने बड़े नेता से मिलने का समय नहीं है तो आम जनता के लिए कहां से समय निकालेंगे।