हाथरस-पुलिस के प्रति अक्सर कर लोग अपना नजरिया ठीक नहीं रखते हैं और पुलिस प्रशासन व अफसरों की लापरवाही और गैर जिम्मेदारी की खबरे सामने आती हैं।
लेकिन इस मामले में ना ही पुलिस अधिकारियों ने घटना का खुलासा किया बल्कि ईनाम में मिलीे रकम को अनाथालय में अनाथ बच्चों को दान करके एक ऐतिहासिक मिसाल भी पेश की है।
और सामाजिक पुलिस का चेहरा पेश किया है। लाखों की चोरी की घटना के खुलासे के सात महीने बाद पूर्व केन्द्रीय मंत्री व सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन ने आज एक लाख रुपये का ईनाम पुलिस अधीक्षक सुशील घुले व उनकी टीम को दिया गया और पुलिस कप्तान ने उक्त रकम को अनाथ बच्चों के लिए दान कर दिया।
उल्लेखनीय है कि सादाबाद क्षेत्र के गांव बहरदोई में पूर्व केन्द्रीय मंत्री व सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन के घर से अक्टूबर 2017 में चोरी की घटना हुई थी और चोर घर में रखे 18 लाख रुपये करके ले गये थे।
सादाबाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम ने करीब दस दिन के अंदर ही चोरी का खुलासा ही नहीं किया बल्कि मुकदमे में दर्ज 15 लाख रुपये की बजाय 18 लाख रुपये बरामद किये थे। इस चोरी में पूर्व मंत्री के गांव के ही पांच लोग निकले। चार लोगों को पुलिस जेल भेज चुकी है। एक आरोपी आज भी फरार है।
उक्त घटना के खुलासे के बाद पूर्व केन्द्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन, पूर्व विधायक देवेन्द्र अग्रवाल आज अपने तमाम कार्यकर्ताओं के साथ एसपी आफिस पहुंचे। वहां उन्होंने एसपी और एसओजी टीम का स्वागत किया और नगद पुरुस्कार के रुप में एक लाख रुपये का ईनाम दिया।
लेकिन एसपी सुशील घुले ने उक्त ईनाम राशि को अपनी टीम में बांटने की बजाय उसे माृत छाया साधना केन्द्र में पढने व रहने वाले अनाथ बच्चों के लिए दान कर दिये जिससे कि आश्रम में पढ़ रहे बच्चों की शिक्षा अच्छे ढंग से हो सके।