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गुजरात विधानसभा चुनाव की सरगर्मी देखते ही देखते पूरे दश का तापमान बढ़ा रही है। मुकाबला टक्कर का होता लग रहा है। बल्कि इस बार तो कांग्रेस ज्तादा मजबूती से उभरती दिख रही है। एक तरफ उसे अप्रत्यक्ष तौर पर पाटीदार आन्दोलन के अगुआ हार्दिक पटेल का समर्थन हासिल है वहीँ राहुल गांधी की रैलियों में उमड़ती भीड़ में भाजपा के लिए सर दर्द बनी है। इस बीच खबर आई है कि गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी 5वीं लिस्ट जारी कर दी है। इस सूची में 13 उम्मीदवारों के नाम हैं। इससे पहले गुजरात चुनाव के पहले चरण के लिए प्रत्याशी नामांकन के आखिरी दिन यानी 21 नवंबर को बीजेपी ने अपनी चौथी लिस्ट जारी की थी। गुजरात चुनाव के पहले चरण में 19 जिलों की 89 सीटों पर चुनाव होने हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मिशन गुजरात में पूरी ताकत झोंक दी है। राहुल शुक्रवार को महात्मा गांधी की जन्मस्थली पोरबंदर पहुंचे। यहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए नोटबंदी और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला।

लेकिन मुकाबले में जोरदार हमला राहुल गांधी ही करते दिख रहे हैं। अभी पोरबंदर में ‘नवसर्जन मच्छीमार अधिकार सभा’ में मछुआरों को संबोधित करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, ‘जब कांग्रेस पार्टी की सरकार थी, तब हम आपको डीजल पर सब्सिडी देते थे, 5 लाख लोगों को यह सब्सिडी दी जाती थी और इस पर सरकार का 300 करोड़ रुपये लगता था। आपको 300 करोड़ की सब्सिडी नहीं देते लेकिन टाटा नैनो बनाने के लिये 33000 करोड़ रुपये दे देते हैं, अगर बड़ा उद्योगपति मोदी जी से पैसा मांगे, तो 33000 करोड़ रुपये दे देते हैं। एक तरफ एक व्यक्ति को 33000 करोड़ रुपये, दूसरी तरफ करोड़ो लोगों को मिलने वाले 300 करोड़ रुपये भी छीन लिए।’

मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले को कठघरे में खड़ा करते हुए राहुल ने कहा, नोटबंदी के समय जब आप लाइन में लगते थे, तब क्या किसी सूट-बूट वाले को देखा था? मैं बताता हूं क्यों नहीं देखा, क्योंकि वे पहले से ही बैंक के अंदर पीछे से घुस के एसी में बैठे थे।’

राहुल ने इस दौरान कहा ‘पूरे देश में किसान कर्जा माफ करने की बात कर रहा है, पिछले साल हिन्दुस्तान के सबसे बड़े 10 उद्योगपतियों का नरेन्द्र मोदी जी ने खुद 1 लाख 30 हजार करोड़ रुपया माफ किया। मछुआरों ने कहा था कि जो काम किसान करता है, वही काम मछुआरा करता है, मछुआरों के लिये अलग मंत्रालय होना चाहिए और हमारी सरकार बनेगी तो हम ये काम करके दिखाएंगे’। राहुल ने साथ ही कहा कि गुजरात केवल 5-10 उद्योगपतियों का नहीं है। यह किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों का है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, ’22 साल से गुजरात के सबसे अमीर लोगों की आवाज विधानसभा और मुख्यमंत्री कार्यालय में सुनी गई, आपकी आवाज सरकार तक नहीं पहुंचती। इसे हम बदल कर दिखाएंगे। जब कांग्रेस पार्टी चुनाव जीतेगी, तो हमारे दरवाजे आपके लिए खुले होंगे, चाहे वह विधानसभा हो या मुख्यमंत्री कार्यालय, गुजरात की जनता जो कहेगी उसके बल पर सरकार चलाएंगे।’

राहुल के यह तेवर देख कर तो अमित शाह यही सोच आरहे होंगे कि जल्दे कोई रणनीति बनायीं जाये नहीं तो सारा जनमत कांग्रेस की तरफ जाते देर नहीं लगेगी।