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राजस्थान के एक इंजीनियरिंग छात्र ने अपने स्टार्टअप के लिए गूगल द्वारा दिए जा रहे 80 लाख का पैकेज ठुकरा दिया।छात्र का नाम अमित स्वामी है। बताया जा रहा है कि अमित को अपनी बीटेक की पढ़ाई के दौरान ही गूगल में 80 लाख की जॉब मिल गई थी लेकिन अपने स्टार्टअप के लिए इस आॅफर को स्वीकार नहीं किया।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार अमित स्वामी ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया जिसके जरिए किसी भी छात्र की फोटो स्कैन करके क्लास में उसकी अटेंडेंस का पता लगाया जा सकेगा। यह प्रोजेक्ट जल्द ही गुजरात में शुरू किया जाएगा। इसी के साथ अमित ने घरों और शोरूम की सुरक्षा के लिए भी एक सॉफ्टवेर तैयार किया इस सॉफ्टवेर को लगाने का फायदा यह अगर कोई अनधिकृत रूप से घर या शोरूम में घुसेगा तो पहले से रजिस्टर्ड डिवाइस पर संदिग्ध व्यक्ति की फोटो समेत अलर्ट आ जाएगा।

गौरतबल है कि अमित ने आईआईटी के एंट्रेंस एग्जाम में ओएमआर शीट को भरने में गलती कर दी थी और उनकी इसी गलती के चलते अमित का आईआईटी में सलेक्शन नहीं हो पाया था। अमित ने फिजिक्स की जगह पर केमेस्ट्री के ओएमआर भर दिए थे जिसकी वजह से उनका चयन नहीं हो पाया था।

जिसके बाद अजमेर के सरकारी बीटेक कॉलेज से अमित ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। बीटेक की पढ़ाई के दौरान ही अमित को गूगल की कंपनी में जॉब आॅफर हुई। अमित स्वामी के पिताजी सुरेश स्वामी सादुलपुर की अनाजमंडी में काम करते और उसकी माता सरला देवी गृहिणी है।