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देश में घोटाला है या घोटाले में है देश, कहना मुश्किल है। एक तरफ नीरव मोदी बैंकों को मोटी चपत लगाकर लापता है तो वहीं देश में एक और लापता मोदी सामने आ रहा है।

इसका नाम मोदी भले ही न हो लेकिन यह भी देश का बड़ा बिजनेस पर्सन है और बैंक का कर्ज अदा करने से बचने के लिए गायब है।

हम बात कर रहे रोटोमैक कंपनई के मालिक की। पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी की तरह रोटामैक पेन बनाने वाली कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी भी कई बैंकों को अरबों की चपत लगाकर फरार हो गए हैं?

सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर तमाम तरह की बातें कही जा रही हैं। दावा किया जा रहा है कि कोठारी भी देश छोड़कर भाग गए हैं।

कोई कह रहा है कि वह लापता हैं। कई तरह की अफवाहों के बीच कोठारी ने बताया है कि वह कानपुर में हैं और यहीं रहेंगे।

हालांकि बैंकों के अरबों रुपये के कर्जदार और कानपुर के नामी उद्योगपति विक्रम कोठारी ने कहा कि वह देश छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बैंकों से लिए गए कर्ज का केस नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के पास है। इसके इतर क्रेडिट कमिटी से लोन चुकाने के बारे में बातचीत जारी है।

उन्होंने काफी साल पहले कानपुर की 5-6 बैंकों से अरबों रुपये का बिजनेस लोन लिया था। जानकारी के मुताबिक, इलाहाबाद बैंक से ब्याज मिलाकर यह कर्ज करीब 352 करोड़ रुपये और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से यह रकम तकरीबन 485 करोड़ रुपये है। कुछ और बैंकों से भी अरबों रुपये का कर्ज लिया गया था।

वहीं इलाहाबाद बैंक के रिकवरी इंचार्ज राजेश गुप्ता का कहना है कि रोटोमैक कंपनी के मालिक पर 352 करोड़ रुपये का लोन था और उनकी संपत्ति जब्त की जा रही है। उम्मीद है कि लोन की एक बड़ी रकम रिकवर कर ली जाएगी।
अब सच जो भी है उसका पता जल्द ही लग जाएगा।