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नई दिल्ली
भारत में जिस तरह से हर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है उसके बाद सऊदी अरब की ओर से बड़ा बयान आया है। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री खालिद ए अल फलिह ने सोमवार को कहा कि सऊदी अरब भारत की ऊर्जा जरूरतों को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

भारत में ऊर्जा फोरम में बोलते हुए खालिद ने कहा कि इसका मतलब है कि हम भारत में भी निवेश को बढ़ाएंगे। ऊर्जा मंत्री खालिद ने कहा कि सऊदी अरब की ओर से रत्नागिरी रिफाइनरी में 44 बिलियन डॉलर का निवेश महज एक शुरुआत है।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मेरी मुलाकात हुई है, इसके अलावा पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी मुलाकात हुई है और मैंने उन दोनों को भरोसा दिलाया है कि हम भारत की ऊर्जा जरूरतों को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध् हैं, खासकर की तेल के क्षेत्र में, हम इस क्षेत्र में और भी निवेश करेंगे। भारत के साथ रिश्तों को मजबूत करना सऊदी अरब की प्राथमिकता है और हम इसके लिए प्रयास करेंगे।

आपको बता दें कि सऊदी की सऊदी अरमैको ने रत्नागिरी में 44 बिलियन डॉलर का निवेश किया है। भारत में बढ़ाएंगे निवेश खालिद ने कहा कि रत्नागिरी में महज एक शुरुआत हुई है, कंपनी एक संगठित व्यापार शुरु करने की तैयारी कर रही है और भारत में रिटेल क्षेत्र में भी निवेश करने की योजना बना रही है, इसके अलावा स्टोरेज की दिशा में भी हम सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से लोगों को भरोसा है कि इलेक्ट्रॉनिक वाहनों की वजह से तेल की जरूरत कम होगी, उन्हें सच्चाई का अभी अंदाजा नहीं है।

99.8 फीसदी पारंपरिक वाहन आज भी दुनिया में पेट्रोल से चल रहे हैं। भारी वाहनों में तेल की खपत अधिक सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सबसे अधिक तेल की खपत भारी वाहन, व्यवसायिक वाहनों में होती है और यह मांग आने वाले काफी लंबे समय तक बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि तेल की बढ़ती कीमतें दुनियाभर में महसूस की जा रही हैं। लेकिन हमने बेहतर रणनीति और निवेश की वजह से लोगों को राहत देने की कोशिश की है।