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पुणे, मुंबई
पुणे में एक निजी स्कूल द्वारा जारी अजीब फरमान के बाद विवाद खड़ा हो गया है, इसमें लड़कियों को विशेष रंग के अंत:वस्त्र पहनने का निर्देश दिया गया है। दरअसल, बुधवार को पुणे के ‘एमआईटी विश्वशांति गुरुकुल स्कूल’द्वारा लड़कियों को विशेष रंग के इनरवियर पहनने के फरमान के खिलाफ अभिभावकों और छात्रों ने स्कूल के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि ‘एमआईटी विश्वशांति गुरुकुल स्कूल’ ने छात्राओं को सफेद तथा बेज रंग के अंत:वस्त्र (इनरवियर) पहनने का फरमान जारी किया। स्कूल प्रशासन ने यह भी तय कर दिया कि लड़कियां कितनी लंबी स्कर्ट पहनेंगी। इतना ही नहीं, स्कूल प्रशासन ने यह भी कहा है कि जो स्टूडेंट्स और अभिभावक निमय का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

एक अभिभावक ने कहा कि ‘लड़कियों को या तो सफेद या त्वचा के रंग के अंदरूनी वस्त्र पहनने के लिए कहा गया है। स्कूल प्रशासन ने स्कर्ट की लंबाई को लेकर भी फरमान जारी किया है। उनके पास इन सभी चीजें स्कूल डायरी में मौजूद हैं और हमें इस पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया है।’

इस मामले में एमआईटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन की कार्यकारी निदेशक डॉ सुचित्रा कराद नागरे ने मीडिया को कहा, ‘स्कूल डायरी में इस तरह के नियम जारी करने के पीछे कोई गलत मंशा नहीं थी। पूर्व में भी इस तरह के हमारे कुछ अनुभव रहे हैं जिसे लेकर हमें यह निर्णय लेना पड़ा है। हमारा कोई छिपा हुआ एजेंडा नहीं है। ‘

शिक्षा (प्राथमिक) के निदेशक दिनकर दीमकर ने पुणे नगर निगम (पीएमसी) को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। पीएमसी के शिक्षा बोर्ड ने मामले की जांच के लिए दो अधिकारियों को नियुक्त किया है। उधर महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने इस मामले में ज़ी मीडिया को फोन पर बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
दूसरी ओर, एक अन्य को-एड स्कूल में सभी छात्रों से विशेष समय पर शौचालय का इस्तेमाल करने को कहा गया है। अभिभावकों ने स्कूल के खिलाफ कदम उठाने की मांग की है। वहीं अधिकारियों को कहना है कि यह दिशा-निर्दश छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जारी किए गए हैं। शिक्षा (प्राथमिक) के निदेशक दिनकर दीमकर ने पुणे नगर निगम (पीएमसी) को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। पीएमसी के शिक्षा बोर्ड ने मामले की जांच के लिए दो अधिकारियों को नियुक्त किया है।