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फ़िल्म : सीक्रेट सुपरस्टार  Secret Superstar
कलाकार : आमिर खान, जायरा वसीम, मेहर विज, राज अर्जुन, कबीर साजिद और तीर्थ शर्मा
लेखक-निर्देशक : अद्वैत चंदन
निर्माता : आमिर खान, किरण राव, आकाश चावला, सुजॉय कुट्टी, बी. श्रीनिवास राव
गीत : कौसर मुनीर
संगीत : अमित त्रिवेदी
फ़िल्म की अवधि : 2 घंटे, 31 मिनट
हिंद वॉच मीडिया रेटिंग : 

सीक्रेट सुपरस्टार छोटे कैनवास की बड़ी फ़िल्म है| यह एक हाई इमोशनल ड्रामा है| इस फ़िल्म में पॉपुलर सिनेमा के सारे कारक (मसाला) मौजूद हैं| इसे चमकीले रैपर में पेश किया गया है| लेकिन इसका कॉन्सेप्ट गंभीर, सार्थक, ऑफबीट और आर्ट सिनेमा का है| यही फ़िल्म की सबसे बड़ी उपलब्धि है| शहद मिलाकर कड़वी गोली चटाई गयी है| हम हिन्दुस्तानियों को भावुक करने वाला सिनेमा खूब भाता है| इसमें यह रस भरपूर है| यह कट्टरपंथियों की जड़ें हिलाकर उसमें मट्ठा डालने का काम करती है| तथाकथित बुद्धिजीवियों और कला उपासकों को एक तिनका उखाड़ने में सदियों लग जाते हैं| यह दुखद है कि ज्ञानीजन सिनेमा को छमिया का नाच समझते हैं| इस सोच ने जन जागरण और सामाजिक बदलाव को क्षति पहुँचाई है| ‘सैराट’ जैसी सुपर-डुपर हिट मराठी फ़िल्म आपकी आत्मा को झिंझोड़ देती है| मेरी जानकारी में आज़ादी के बाद जाति-व्यवस्था पर ऐसा कुठाराघात करने वाली दूसरी कोई फ़िल्म नहीं है जो इतनी बड़ी हिट हो| यह मराठी फ़िल्म होते हुए भी दिल्ली जैसे हिन्दी भाषी क्षेत्र के सिनेमाघरों में लगती है| आमिर की ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ भी कठमुल्ला किस्म की सोच रखने वालों की धज्जी नहीं उड़ाती, धीरे से चिथड़े उखाड़ देती है| यह सीन आपको इस फ़िल्म में मुंबई के एयरपोर्ट पर देखने को मिल जायेगा|

अब थोड़ा कहानी पर आते हैं| किशोरी नायिका पिकनिक से वापस आ रही है| उसकी माँ उसे बड़ोदरा स्टेशन पर लेने जाती है| स्टेशन पर ही उसकी माँ के एक छोटे से क्लोज-अप शॉट् से उसके घर की कहानी समझ में आ जाती है| माँ की आँखों पर चोट के ताज़ा-गहरे निशान हैं| बेटी के पूछने पर वह बहाना बना जाती है| स्टेशन से घर आते हुए यह समझ में आ जाता है कि माँ-बेटी का रिश्ता प्रगाढ़ है|

इंसिया मलिक (जायरा) बड़ोदरा शहर की लड़की है जो परिवार के कड़े बंदिशों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने की लड़ाई लड़ती है| उसकी लड़ाई में उसकी माँ, छोटा भाई गुड्डू, बॉय फ्रेंड और शक्ति कुमार(आमिर खान) उसका पूरा साथ देते हैं| इंसिया हिजाब पहनकर गाना गाती है और अपना वीडियो यूट्यूब पर अपलोड करती है| यूट्यूब की वजह से वह चर्चित हो जाती है| यह अफगानिस्तान के एक लड़की की सच्ची घटना पर आधारित कहानी है| हॉलीवुड में 2015 में इसपर ‘रॉक द कस्बा’ नाम की फ़िल्म बनी थी| चंदन ने इसका कमाल का भारतीयकरण किया है|

‘सीक्रेट सुपरस्टार’ की पटकथा(स्क्रीनप्ले) बेहतरीन है| फ़िल्म-इंडस्ट्री में आमिर खान के स्क्रिप्ट की समझ की सराहना की जाती है| आमिर खान स्क्रिप्ट के चुनाव में कोई चुक नहीं करते| इनके प्रोडक्शन के तहत बनने वाली अधिकांश फ़िल्में सुपर हिट हैं|

आमिर खान का किरदार एक अनोखे म्यूजिक डायरेक्टर का है| अपने किरदार का उन्होंने बारीकी से अध्ययन किया है| वे अपने चरित्र को अच्छी तरह से समझकर उसमें उतर जाते हैं| उनका फंकी लुक देखने लायक है जिसे उन्होंने अपने अभिनय से जीवंत कर दिया है| सबके बावजूद आमिर खान कहानी का वो इक्का है जिस पर सारी बाजी टिकी हुई है| शक्ति कुमार के रोल में वे चिड़चिड़ाने वाला अजीब-सा लाउड एक्टिंग करते हैं और यही उस चरित्र का भावनात्मक  उद्धार करता है| छोटा होते हुए भी आमिर का अबतक का सबसे बेहतरीन काम कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी| जायरा ने शानदार काम किया है| जायरा के पिता फारुख मलिक के रोल में राज अर्जुन ने अपने अभिनय में जान डाल दिया है| माँ के रोल में नज़मा(मेहेर विज) ने अपने किरदार के साथ न्याय किया है|

अद्वैत चंदन इस फ़िल्म से डायरेक्टर के तौर पर डेब्यू कर रहे हैं| उन्होंने बॉलीवुड के फ़ॉर्मूला को साकार कर दिया है| फ़िल्म दिखाती है कि बॉलीवुड के फ़ॉर्मूले को कैसे हिट किया जा सकता है| कहानी कहने की कला दर्शक को बांध के रखती है| यह एक डायरेक्टर की सफलता है| अमित त्रिवेदी का संगीत और कौसर मुनीर के लिखे गीत सुनने में अच्छे लगते हैं| सिनेमा के विषय को देखते हुए गीत-संगीत पक्ष को कमजोर ही माना जायेगा| फ़िल्म का अपना एक फलसफा है| वह कहती है कि सपने देखना तो हर इन्सान का बेसिक होता है| फ़िल्म की सबसे बड़ी जीत है कि इसकी नायिका अवार्ड फंक्शन में सरेआम अपना बुर्का उतार कर फेंक देती है| पॉपुलर-कॉमर्शियल सिनेमा की यह सबसे बड़ी ताकत है|





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सिनेमा में गहरी रूचि और समझ रखने वाले विनोद सिंह एक स्वतंत्र पत्रकार हैं। मायानगरी मुंबई में रहकर वे हिंद वॉच मीडिया के लिए नियमित तौर पर सिनेमा से जुड़े विषयों पर लिखते रहे हैं। उनकी फिल्म समीक्षा पाठकों के बीच बहुत लोकप्रिय है। विनोद सिंह हिंद वॉच मीडिया संपादक मंडल के सदस्य होने के साथ-साथ सिनेमा सेक्शन के उप-संपादक भी हैं। सरल भाषा और सपाट बयानी उनकी लेखनी को विशिष्ट पहचान देती है। हिंद वॉच मीडिया जमीनी सरोकारों से जुड़ी जनपक्षधरता की पत्रकारिता कर रहा है। साप्ताहिक अखबार, न्यूज़ पोर्टल, वेब चैनल और सोशल मीडिया नेटवर्क के माध्यम से जमीनी और वास्तविक ख़बरों को निष्पक्षता और निडरता के साथ अपने पाठकों तक पहुंचाने के लिए हिंद वॉच मीडिया पूरी समर्पण से काम करता है| भारत और विदेशों में यह वेब पोर्टल पढ़ा जा रहा है|