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समाजवादी पार्टी ने आज अपनी स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की है शिवपाल सिंह यादव का नाम इस लिस्ट में शामिल नहीं है।शिवपाल के अलावा लिस्ट में पूरा यादव परिवार शामिल है जिसमें डिंपल यादव का नाम भी शामिल है|इस लिस्ट में  मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, आजम खान और जया बच्चन समेत 40 नेताओं के नाम हैं| यहां तक कि समाजवादी युवजन सभा और मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड जैसी पार्टी की युवा शाखा के नाम भी इस सूची में शामिल हैं, लेकिन शिवपाल यादव का नाम नदारद है|

न्यूज़ 18 की खबर के अनुसार, प्रोफेसर रामगोपाल यादव की तरफ से चुनाव आयोग को भेजी गई स्टार प्रचारकों की लिस्ट में मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, किरनमय नंदा, मोहम्मद आजम खान, प्रोफेसर राम गोपाल यादव, नरेश अग्रवाल, सुरेंद्र नागर, जया बच्चन, राजेंद्र चौधरी, कमाल अख्तर, रामआसरे कुशवाहा, नरेश उत्तम, रामजी लाल सुमन, जावेद आब्दी, संजय लाठर, राजपाल कश्यप, रमेश प्रजापति, नीरज शेखर, जावेद अली खान, राजीव राय, विनोद सविता, राम आसरे विश्वकर्मा, धर्मेंद्र यादव, अक्षय यादव, तेज प्रताप सिंह, डिंपल यादव, राम सकल गुर्जर, उदयवीर सिंह, राकेश यादव, सरोजनी अग्रवाल, साहब सिंह सैनी, वीरेंद्र सिंह गुर्जर, ख्वाजा हलीम, डॉ असीम यादव, रामवृक्ष यादव, बृजेश यादव, मोहम्मद एबाद ओर अबु आसिम आजमी के नाम शामिल हैं|

अखिलेश ने अपने परिवार में हाल में हुए झगड़े का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा “हमने बहुत लड़ाई लड़ी| तमाम तरह की लड़ाई लड़ी|आपने अखबारों में बहुत सी खबरें और कहानियां पढ़ी होंगी, लेकिन जो कुछ संघर्ष हुआ, वह आपके (जनता) लिए किया गया|”

गौरतलब है कि रविवार को सपा के चुनाव घोषणापत्र जारी किए जाने के मौके पर मुलायम सिंह यादव नहीं पहुंचे थे| उनके लिए बीच में प्रमुख स्थान पर कुर्सी लगाई गई थी|. इस मौके पर अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ मंत्री आजम खान भी मौजूद थे| आजम कार्यक्रम के बीच में ही मुलायम को लेने के लिए निकले थे, लेकिन तमाम इंतजार के बावजूद मुलायम कार्यक्रम में नहीं पहुंचे थे|

उत्तर प्रदेश में 11 फरवरी से 8 मार्च के बीच सात चरणों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं| कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के अखिलेश धड़े के बीच गठबंध के बावजूद बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के बाद जिस तरह से बीजेपी को दिल्ली और बिहार में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है, वैसे में उत्तर प्रदेश का चुनाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।