दिल के खतरे का इलाज है मैरिज?

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सुनने में दिलचस्प लगता है लेकिन रिसर्च कुछ तरह की गई कि मानने के अलावा और कोई विकल्प नहीं रहता।

दरअसल अब तक यही मानते आए हैं कि शादी करके इंसान फंस जाता है लेकिन अब यह रिसर्च कह रही है कि शादीशुदा लोग दिल के खतरे के कम शिकार होते हैं।

अमेरिका में हुई एक स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है कि दिल की बीमारी से पीड़ित इंसान अगर शादीशुदा है तो उनके लंबा जीवन जीने की संभावना बढ़ जाती है, उन लोगों की तुलना में जो या तो तलाकशुदा हैं, जिनके पार्टनर की मौत हो चुकी है या फिर जिन्होंने कभी शादी ही नहीं की।

इस स्टडी के मुताबिक शादीशुदा हार्ट पेशंट्स को भी हृदय से जुड़े कई रिस्क फैक्टर्स का सामना करना पड़ता है लेकिन ऐसे लोग जिनके पास कोई पार्टनर नहीं है, अगर उन्हें दिल की बीमारी हो जाए तो उनकी मौत की आशंका शादीशुदा की तुलना में 71 प्रतिशत बढ़ जाती है।

अमेरिका के अटलांटा स्थित इमोरी यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के डॉ अरशद क्युयुमी ने कहा, ‘हमने कई बायोमार्कर्स का आकलन किया जिसमें कलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर और डायबीटीज शामिल है।

इस बात में सच्चाई है कि जो लोग शादीशुदा नहीं हैं उनकी मौत की संख्या ज्यादा है क्योंकि उनमें यहां बतायी गई परिस्थितियां ज्यादा पायी जाती हैं। लेकिन सिर्फ मैरिटल स्टेटस एक स्वतंत्र रिस्क फैक्टर है।’

अगर यह रिसर्च सही है तो फिर सब कुंवारे लोगों को जल्द से जल्द शादी कर लेनी चाहिये ताकि उनका दिल तो सलामत रहे।





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