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नई दिल्ली
प्रधानमंत्री मोदी की हत्या की साजिश में गिरफ्तार मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। रोमिला थापर, प्रभात पटनायक, सतीश देशपांडे, माया दर्नाल और एक अन्य ने शीर्ष कोर्ट में गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट में इस पर आज दोपहर 3:45 पर सुनवाई होगी।

ऐक्टिविस्ट्स सुधा भारद्वाज, वरवर राव और गौतम नवलखा की गिरफ्तारी के खिलाफ यह याचिका डाली गई है। अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस याचिका को चीफ जस्टिस की अदालत में पेश किया है। याचिका में गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

इसके अलावा गौतम नवलखा मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में भी दोपहर 2:15 बजे सुनवाई होगी। पुलिस ने मराठी से अंग्रेजी में डॉक्युमेंट्स के अनुवाद के लिए वक्त मांगा है। हाई कोर्ट ने पुलिस की ओर से पेश अधिवक्ता को दोपहर 12 बजे तक डॉक्युमेंट्स जमा करने के लिए कहा है। भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में अरेस्ट किए गए इन ऐक्टिविस्ट्स को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है।

राहुल गांधी ने इस मसले पर बीजेपी सरकार पर अटैक करते हुए बुधवार शाम को ट्वीट किया, भारत में सिर्फ एक ही एनजीओ के लिए जगह है और उसका नाम है आरएसएस। इसके अलावा अन्य सभी एनजीओ को बंद कर दीजिए। सभी ऐक्टिविस्ट्स को जेल में डाल दो और जो विरोध करे, उसे गोली मार दो। राहुल की ओर से सरकार पर ऐक्टिविस्ट्स की आवाज को दबाए जाने के आरोप लगाने पर सरकार की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है।