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गंभीर अपराधिक मामलों के आरोपियों को चुनाव लड़ने से रोके के लिए दायर पिटीशन पर सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। 5जनवरी को कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए 5 जजों की स्पेशल बेंच बनाई। संभव है कि 5 राज्यों में इलेक्शन को देखते हुए कोर्ट कोई अहम फैसला दे।

अगर इस पर जल्दी ही कोई फैसला आया तो अगले दो महीने में उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में चुनाव पर भी असर पड़ेगा हैं। किसी भी चुनाव में अब कोई भी  दागी नेता इलेक्शन नहीं लड़ पाएगा।

कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने हिंदुत्व के मुद्दे पर दायर कई पिटीशन्स पर 2जनवरी को सुनवाई करते हुए कहा था कि “धर्म, जाति और संप्रदाय के नाम पर नेता वोट नहीं मांग सकते। चुनाव एक सेक्युलर प्रॉसेस है और इसका पालन किया जाना चाहिए।”कोर्ट ने यह भी कहा था कि “इंसान और भगवान के बीच रिश्ता अपनी निजी पसंद का मामला है। सरकार को इससे खुद को अलग रखना चाहिए।”हिंदुत्व के मसले पर दायर पिटीशन पर पूर्व चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अगुआई में जस्टिस एमबी लोकुर, जस्टिस एनएल राव, जस्टिस एसए बोबड़े, जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस एके गोयल और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने सुनवाई की थी।