Monday, May 27, 2019
Home Tags साहित्यिक

Tag: साहित्यिक

श्राद्ध का अन्न (कविता)- अरुण कमल

श्राद्ध का अन्न खा लौट रहे तेज कदम दूर गाँव के ग्रामीण जोर जोर से बतियाते व्यंजनों का स्वाद मृतक का आचार व्यवहार लगाते ठहाका भूँकते कुत्तों को...

रिसते घाव (कहानी) – बूटा सिंह

और सलमा छोटी और क्वाँरी। वह मेरे साल-सवा साल के बच्चों को उठाए रहती और मुझसे कुछ बड़ी लगती। साथ ही मेरी शक्ल-सूरत और...

लुटा हुआ (कहानी)- जयन्ती दलाल

सरदार सुच्चासिंह को अपनी मनोव्यथा का कारण समझ में नहीं आता था। उसे अपने पर ही गुस्सा आता था। क्यों उसने अपने वतन का त्याग...