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सर्दी खांसी और मलेरिया होने के कन्फ्यूजन में नाचगाना करने वाले नाना पाटेकर और शाहरुख़ खान को भी अब जो नया रोग लगा है वह लवेरिया का नहीं बल्कि सोशल मीडिया का है। दिन रात ट्विटर पर ट्वीट करने से लेकर फेसबुक, इन्स्टाग्राम से चिपके रहने को हे सोशल मीडिया एडिक्शन या ओबसेशन कहते हैं। आइये जानते हैं वो कौन से लक्षण (Symptoms) हैं जिन्हें देखकर कोई भी बता सकता है कि सोशल मीडिया की कीड़ा बुरी तरह से काट चुका है और आपको सोशल मीडिया कम्पल्शन ओबसेशन हो गया है।

1. पोट्टी से पहले फेसबुक
अगर आप सुबहउठकर सबसे पहले टूथपेस्ट या पोट्टी करने के बजाये अपने स्मार्टफोन के दर्शन करते हैं और जिओ की कृपा से मिले मुफ्त इंटरनेट डाटा का सदुपयोग करते हुए फेसबुक अपडेट्स और व्हाट्सएप सन्देश और इन्स्टा पिक्स के कमेन्ट देख को उतावले हो जाते हैं तो समझ लीजिये आपको सोशल मीडिया एडिक्शन लग चुका है।

2. कुत्ते, बिल्ली का फेसबुक एकाउंट
अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स के अलावा अपने पेट एनिमल्स यानी कुत्ते और बिल्लियों के के भी प्रोफाइल अपडेट करते हैं और फ्रेंड रिक्वेस्ट लेते देते हैं तो आप सोशल मीडिया कम्पल्शन का शिकार हैं।

3. फैमिली वाया सोशल मीडिया
अपने मम्मीपापा और भाईबहन को भी आप मिलने और मीटिंग करने का समय फेसबुक लाइव पर या फैमिली व्हाट्सएप ग्रुप पर देते हैं तो समझदार को इशारा काफी है।

4. अपडेट पापी पेट का सवाल बन जाए
हर दोदिन बाद आपको स्मार्टफोन की हर सोशल मीडिया एप का अपडेट आया है कि नहीं चेक करना पड़ रहा है तो समझे आपको हो गया है यह मर्ज।

5. दोस्ती का थर्मामीटर हो जाए
दोस्त वही है जो फेसबुक पर मेरी हर सड़ी गली पोस्ट को न सिर्फ लाइक करे बल्कि कमेन्ट और शेयर भी करे अगर नहीं किया तो चिनाय सेठ तुमने अब तक कालिया की दोस्ती देखी है, अब दुश्मनी भी देख लो। यानी दोस्ती का थर्मामीटर सोशाल मीडिया के क्लीनिक पर चेक होता है।

6. बाप की डांट से ज्यादा फोकस नोटिफिकेशन पर
एक्जाम में फेल हो गए हैं और पिता जी हाथ में जूता लिए मोर्चे पर तैयार हैं लेकिन फिर भी आपको वाइब्रेशन मोड के बावजूद हर नोटिफिकेशन की खनक साफ़ सुनाई दे रही है तो आप सोशल मीडिया कम्पल्शन का शिकार हैं।

7. सोने से पहले और जगने के बाद डीपी चेक
अगर डीपी या फेसबुक प्रोफाईल पिक देखे बिना नीद नहीं आती और जब तक सबके व्हाट्सएप के प्रोफाइल पर जाकर उनकी डीपी देखकर खाना डाइजेस्ट नहीं होता तो समझ लो गए काम से।

8. इंटरनेट पर देखा था
हर एक बात पर कहते हो कि मैंने इंटरनेट पर पढ़ा था, कोई भी डिस्कशन बिना इंटनेट या गूगल के हेल्प के बिना पूरा नहीं कर पाते हैं तो पक्का है आपको एडिक्शन है सोशल मीडिया का।

9. ब्रेकफास्ट ब्लोगिया
एक और लक्षण यह भी है कि आप को नाश्ते की टेबल पर नाश्ता करना है लेकिन सबसे पहले नाश्ते का वीडियो बनकर उसके फायदे गिनाकर आप सोशल मीडिया पर अपलोड करते हैं और फिर नाश्ता करना भूल वीडियो के लाइक शेयर और कमेंन्ट्स की रोजी रोटी में जुट जाते हैं।

10. जीना मरना तेरे संग
जब दिनरात हैश टैग, कैंडी क्रैश, इन्स्टा, पिन, ट्वीट, अपडेट, डोंट, कूल, लोल और स्माइली अजसी वर्ड्स डिक्शनरी का हिस्सा बन जाए और स्मार्टफोन महबूबा के ख़त की तरह तकिये के नीचे से बार बार निकला और पढ़ा जाए तो समझ लो तुम्हे सोशल मीडिया कम्पल्शन ओबसेशन हो गया है।