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रांची, झारखंड
भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक के विरोध में नेता प्रतिपक्ष और झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के आवास पर तमाम विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों की बैठक हुई। बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि पूरे विपक्ष और सामाजिक संगठन के साथ पांच जुलाई की बंदी को लेकर समीक्षा की गयी है। उन्होंने कहा कि राज्य से जुड़ी ज्वलंत विषयों पर जिस तरह से राज्य सरकार जनविरोधी निर्णय ले रही है इसके विरोध में सभी लोगों ने अपनी बातों को रखा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि समन्वय समिति ने यह निर्णय लिया है कि राज्य के ज्वलंत विषयों के समाधान के लिए सब लोग मिलकर समस्याओं की जानकारी लेंगे। उन्होंने कहा कि 5 जुलाई की बंदी में पूरे संगठन के लोग अपने-अपने स्तर से पूरे राज्य में लगे हुए हैं। सभी लोग समन्वय के साथ काम में लगकर इस बंदी को सफल बनाएंगे। 24 घंटे की बंदी, इस बार 200 प्रतिशत सफल होगी, क्योंकि रघुवर सरकार ने राज्य की जनता पर काला कानून थोपने का काम किया है।

भूमि अधिग्रहण विधेयक की लड़ाई राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन और राज्य की जनता मिलकर लड़ेगी। हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार को राज्य की जन भावनाओं से अवगत कराएंगे। वही उन्होंने कहा कि खूंटी जिले में जो घटनाएं घट रही हैं उस विषय पर भी चर्चा समन्वय समिति में हुई। और यह निर्णय लिया गया है कि बंदी के बाद समन्वय समिति की एक टीम बनाई जाएगी और यह टीम खूंटी के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर मौजूदा हालात की जानकारी लेगी। वहां छात्राओं के साथ जो घटना घटी है इसकी विस्तृत जानकारी लेगी। सरकार यहां के आदिवासी बहुल क्षेत्र के गरीबों के ऊपर दुराचार कर रही है। पूरा विपक्ष यहां के गरीब, किसान और आदिवासी के साथ खड़ा है। उनके लड़ाई में हम भी शरीक होंगे।

नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि पिछले चार साल में राज्य सरकार ने यहां की जमीन लेने की पूरी कोशिश की। गनीमत है कि राज्य में कई कड़े कानून का प्रावधान है। राज्य की जनता ने सरकार को मुंहतोड़ जवाब दिया था। भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक के आने से जमीन की लूट होगी।
इधर कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत ने कहा कि विद्यालय के लिए जमीन लेने वालों ने पांच हजार स्कूलों को ही बंद कर दिया। जब उन्हें स्कूल बंद करना था तो फिर जमीन किसलिए चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को बिजली के लिए भी जमीन चाहिए, क्या ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने कभी शिकायत की है कि हमें बिजली के लिए पोल लगाने में कभी दिक्कत हुई है, तो जमीन किसलिए चाहिए इस सवाल का जवाब सरकार दे।
पोस्टल कोड 834001