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fghdcvcaku-1463668880-14789925699 मार्च को विभिन्न एजेंसियों और टीवी चैनलों ने उत्तर प्रदेश, पंजाब,उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर विधान सभा से जुड़े एग्जिट पोल जारी किए। एग्जिट पोल्स के सामने आने के बाद सबसे ज्यादा विवाद यूपी से जुड़े एग्जिट पोल्स को लेकर हो रहा है। ज्यादातर एग्जिट पोल्स ने कहा कि “यूपी में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर सकती है।” तीन एग्जिट पोल में तो भाजपा को बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है।

यूपी से जुड़े एग्जिट पोल्स में दूसरी चौंकाने वाली बात बहुजन समाज पार्टी के नतीजों से जुड़े अनुमान है। ज्यादातर एग्जिट पोल्स में बसपा को तीसरे नंबर पर रहने का अनुमान जताया गया है। वहीं सत्ताधारी समाजवादी को ज्यादातर एग्जिट पोल्स में दूसरे स्थान पर रहने का अनुमान लगाया गया है। तो क्या एग्जिट पोल्स के नतीजे हमेशा सही होते हैं। आइए हम आपको बताते हैं जब पिछले दो सालों में ज्यादातर एग्जिट पोल्स बुरी तरह विफल साबित हुए थे।

तमिलनाडु 2016

साल 2016 में हुए तमिलनाडु विधान सभा चुनाव के दौरान ज्यादातर एग्जिट पोल्स में अनुमान जताया गया कि “जयललिता की एआईएडीएमके सत्ता से बाहर हो जाएगी।” एग्जिट पोल्स के बाद राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि “जयललिता के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर के कारण ऐसा होना स्वाभाविक है।” लेकिन जब नतीजे आए तो सबके होश फाख्ता हो गए। जयललिता की पार्टी ने राज्य विधान सभा की 234 सीटोौं में से 136 सीटें जीतकर अकेले दम पर बहुमत हासिल कर लिया।

एक्सिस-माई इंडिया, आईएएनएस, न्यूज नेशन इत्यादि के एग्जिट पोल्स में कहा गया था कि “डीएमके और कांग्रेस गठबंधन राज्य में अकेले दम पर बहुमत हासिल करके सरकार बनाएगा या फिर राज्य में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरेगा।” जाहिर है चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया कि ऐसे सारे एग्जिट पोल्स सच से दूर थे।

बिहार 2015

बिहार में साल 2015 में हुए विधान सभा चुनाव में भाजपा ने स्थानीय पार्टियों के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा था। वहीं सत्ताधारी नीतीश कुमार की जदयू और लालू यादव की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने चुनाव पूर्व गठबंधन किया था। जातीय समीकरण जदयू-राजद के पक्ष में दिख रहे थे लेकिन बिहार चुनाव से जुड़े कई एग्जिट पोल्स में भाजपा को राज्य में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने का अनुमान जताया गया।

एग्जिट पोल्स ही नहीं मतगणना के दिन भी सुबह पोस्टल बैलट की गिनती के नतीजे देखकर कई प्रमुख विश्लेषकों ने बिहार में भाजपा की सरकार बनने की भविष्यवाणी करनी शुरू कर दी। लेकिन कुछ ही घंटे में साफ हो गया कि एग्जिट पोल्स और ऐसे विश्लेषक सच से दूर थे। 243 विधान सभा वाले बिहार में नीतीश और लालू के गठबंधन ने 178 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनायी। भाजपा गठबंधन को 108 सीटों पर जीत मिली।

देखिए यूपी विधान सभा नतीजों से जुड़े विभिन्न एग्जिट पोल्स के अनुमान-

चाणक्य-न्यूज 24- सपा-कांग्रेस (88-+/-15), भाजपा (285- +/-18), बसपा (27) (+/-12) अन्य (3+/-2)
एक्सिस-इंडिया टुडे- सपा-कांग्रेस (88-112), भाजपा (251-279), बसपा (28-42), अन्य (4-11)
सीवोटर-इंडिया टीवी- सपा-कांग्रेस (135-147), भाजपा (155-167), बसपा (81-93), अन्य (8-20)
एमआरसी-इंडिया न्यूज- सपा-कांग्रेस (120) भाजपा (185), बसपा (90) अन्य (8)
वीएमआर-टाइम्स नाउ- सपा-कांग्रेस (110-130) भाजपा (190-210), बसपा (57-74) अन्य (8)
सीएसडीएस-एबीपी न्यूज- सपा-कांग्रेस (156-169) भाजपा (164-176) बसपा (60-72) अन्‍य (2-6)

यूपी समेत पांचों राज्यों के विधान सभा चुनाव के परिणाम 11 मार्च को आएंगे। ऐसे में एग्जिट पोल्स के अनुमानों को लेकर माथापच्ची करने से बेहतर है 24 घंटे और इंतजार कर लिया जाए।