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महिला हो या लड़की, देश के हर कोने में बलात्कार का शिकार हो रही हैं। उनके शोषण की इन्तेहा है कि एक बार फिर से उत्तर प्रदेश में एक छात्रा का शोषण हुआ है। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले की एक छात्रा के साथ रेप की खबर सामने आई है। और इस मामले में आरोपी भाईयों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि रेप के बाद युवक टहलता हुआ बाहर निकलकर घूमने लगा। छात्रा की आवाज सुनकर पहुंचे लोगों ने हंगामा किया तो पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट व पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हे जेल भेज दिया है। पुलिस उपाधीक्षक त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में एक में अनुसूचित जाति के व्यक्ति का एक मकान है उस घर में माता खेती करने व पिता मजदूरी करने गए थे।

घर में कक्षा आठ की छात्रा बैठी हुई थी उसके साथ उसकी छोटी बहन भी खेल रही थी। आरोप है कि गांव के पिंटू तिवारी ने उसके घर में जाकर छोटी बहन को 50 रुपये दिए और उसे टॉफी खरीदकर लाने के बहाने बाहर भेज दिया। आरोप है कि छोटी बहन के बाहर जाते ही पिंटू ने कमरा बंद कर छात्रा के साथ रेप किया और चुपचाप बाहर निकलकर टहलने लगा। कुछ देर बाद बच्ची आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे तो छात्रा ने पूरी घटना बताई। घटना के बाद गांववालों ने पिंटू को पकड़ लिया। जिसके बाद पिंटू के भाई का विवाद गांववालों से हो गया।

गांव के प्रधान ने बीच बचाव का प्रयास किया लेकिन मामला शांत नहीं हुआ। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को अस्पताल भेजा। मिंटू तिवारी और उसके भाई पुल्लू के खिलाफ पास्को एक्ट के साथ एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है।
दलितों के साथ शोषण को रोकने में हर राज्य की सरकार पता नहीं क्यों विफल रहती है? क्या सरकार और कानून के बस में नहीं है कि वह इस तरह की वारदातों पर लगाम कस सके?