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व्लादिमीर पुतिन को लेकर अटकलों का बाजार गर्म था कि इन चुनावों में वे सत्ता में नहीं होंगे और राष्ट्रपति की कुर्सी गँवा देंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं और एक अलग ही इतिहास रचा गया। चुनाव में मिली एतिहासिक जीत की बदौलत रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर फिर से रूस से राष्ट्रपति होंगे।

इसका मतलब यह है कि अगले 6 सालों के लिए रूस के एकामान उन्ही के हाथों में होगी। गौरतलब है कि ऐसा तब हो रहा है जब उनका राजीनीतिक दौर सही नहीं चल रहा था। ऐसे समय में जब रूस और पश्चिमी देशों के संबंध खराब दौर से गुजर रहे हैं, रूस की जनता ने पुतिन को ही अगले 6 सालों के लिए राष्ट्रपति चुना है। अब वह 2024 तक इस पद पर रहेंगे।

आपको बता दें कि पुतिन ने रविवार को हुए चुनावों में एक बार फिर ऐतिहासिक जीत हासिल कर ली है। इन चुनावों में एक नया इतिहास यह भी रचा गे कि उन्हें साल 2012 से भी ज्यादा वोट इस चुनाव में मिले हैं।

पुतिन 2024 में अपना कार्यकाल खत्म होने के समय 71 साल के होंगे और उस समय सोवियत शासक जोसेफ स्टालिन के बाद सबसे लंबे समय तक नेता रहने वाले शख्स भी होंगे।

पुतिन ने इस चुनाव से पहले अपने देश के नागरिकों से वादा किया था कि वे पश्चिमी देशों के खिलाफ रक्षा क्षेत्र को मजबूत करेंगे और लोगों के जीवन स्तर को सुधारेंगे।

बता दें कि रूस के चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि बीते 18 सालों से राजनीति में अपना दबदबा रखने वाले पुतिन को 75.9 प्रतिशत वोट मिले हैं। जीत के बाद पुतिन ने अपने प्रशंसकों की भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें इस जीत का भरोसा था

रूस के चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि बीते 18 सालों से राजनीति में अपना दबदबा रखने वाले पुतिन को 75.9 प्रतिशत वोट मिले हैं। जीत के बाद पुतिन ने अपने प्रशंसकों की भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें इस जीत का भरोसा था क्योंकि उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में भी विश्वास मत हासिल कर लिया था।

जबकि 65 साल के पुतिन साल 2000 से रूस के राष्ट्रपति पद पर बने हुए हैं। ऐसे में कहा जा जा सकता है कि रूस की जनता को पुतिन का राज काफी भा रहा है।