विश्व पृथ्वी दिवस:  मानसिकता सुधरे तब पृथ्वी बचेगी

Print Friendly, PDF & Email

आज पूरी धरती ही संकट में है। एक ओर मानव का चारित्रिक संकट दूसरी ओर पृथ्वी के पाँचों तत्वों पर संकट छाया हुआ है। यह सब मनुय के मस्तिक के कारण ही है।

यदि मनुय का मन सुधर जाये तो पृथ्वी बचेगी। उक्त विचार बी.एल.एस. इण्टरनेानल स्कूल में विव पृथ्वी दिवस की पूर्व संध्या पर अलीगढ़ रोड स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के आनन्दपुरी कालोनी की राजयोग ािक्षिका बी.के. ाान्ता बहिन ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये।

जीवन में जल के महत्व को गई डिजिटल प्रदर्शनी, चित्र प्रर्दानी एवं वीडियो फिल्मों के माध्यम से बच्चों को समझाते हुए बी0के0 दिनेा भाई ने बताया कि देा में फिलहाल 1123 अरब घनमीटर जल उपयोग के लिए उपलब्ध है।

2025 तक यह माँग 1093 अरब घनमीटर हो जायेगी। आबादी इसी बेहिसाब तरीके से बढ़ती रही तो 2030 तका आधा हिन्दुस्तान प्यासा रह जायेगा। पृथ्वी को बचाने के लिए पर्यावरण के सभी पाँचो तत्वों को बचाना होगा।

उन्होंने बच्चों को जल के महत्व को समझाते हुए कहा कि मनुय के मस्तिक का 85 प्रतिात हिस्सा जल ही होता है। यदि जल की मात्रा समुचित रखी जाये और अधिकाधिक जल का उपयोग किया जाये तो स्वास्थ्य तो ठीक रहेगा ही याद करने की क्षमतायें भी बढ़ेंगी।

बी0के0 शांता बहिन ने जल संरक्षण एवं स्वसाक्तिकरण विाय पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया कि आत्मा भ्ी अणु है और जल में भी अणु हैं। आत्मा का ज्ञान समझने से आत्मबल भी बढता है।

उसे सर्व शक्तियों के श्रोत परमपिता परमात्मा से जोड़ देने से आत्माक्तियों का जागरण आरम्भ हो जाता है फिर किसी भी समस्या का सामना करने की क्षमतायें पैदा हो जाती हैं। यह सब राजयोग द्वारा संभव होता है। उन्होंने बच्चों को 3 मिनट का आत्मिक स्थिति का अभ्यास भी कराया।

बी0के0 गजेन्द्र भाई ने पीस आॅफ माइण्ड चैनल पर 24 घण्टे जारी रहने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस अवसर पर काॅलेज निदेाक कमल कुमार ार्मा आदि उपस्थित थे।

ज्ञात हो कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के जल प्रभाग, माउण्ट आबू द्वारा लोगों में जल के महत्व को समझाने के लिए बनाई गई डिजिटल प्रदर्शनी, चित्र प्रर्दानी एवं वीडियो फिल्मों के माध्यम से हाथरस में अलीगढ़ रोड स्थित आनन्दपुरी कालोनी की राजयोग सगी शिक्षिका बी0के0  ततध्य में निष्ठावान ब्रह्माकुमार और ब्रह्माकुमारि यों द्वारा लोगों में जागरूकता लाने के लिए स्कूल, काॅलेज, प्रशासन के विभिन्न विभागों, गाँवों में जगह-जगह दिखाये जाने का कार्यक्रम चलाया जा रहा है।





loading...