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अभी ज्यादा दिन नहीं हुए जब बीफ को लेकर पूरे देश में हिंसा का आलम बन गया था। कुछ इलाकों में तो कई लोगों की पीट पीट कर हत्या तक कर दी गयी थी।

साम्प्रदायिक मसला बन चुका यह मसला अब एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। इस बार उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने इस मामले पर कुछ ऐसा कह दिया है कि विवाद होने की संभावना पैदा हो गयी है।

बहरहाल क्या है पूरा मामला आइये जानते हैं। दरअसल उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘आप बीफ खाना चाहते हैं, तो खाइए, लेकिन इसके फेस्टिवल?, कुछ ऐसा ही मामला किस को लेकर भी है। अगर आप किस करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको फेस्टिवल की या किसी की आज्ञा की क्या जरूरत।’

दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान उपाष्ट्रपति ने अफजल गुरू का भी जिक्र करते हुए कहा, ‘फिर आप अफजल गुरू को लीजिए। कुछ लोग उसका नाम जप रहे हैं। यह क्या हो रहा है। उसने हमारी संसद को धमाके में उड़ाने की कोशिश की थी।’

आपको बता दें कि उपराष्ट्रपति मुंबई स्थित आरए पोद्दार कॉलेज ऑफ कॉमर्स ऐंड इकॉनमिक्स के प्लैटिनम जुबली प्रोग्राम में बोल रहे थे।

उपराष्ट्रपति ने कार्यक्रम में मौजूद पैरंट्स, टीचर्स और स्कूल के लोगों से कहा कि वे घर और कॉलेज में माहौल को तनाव रहित बनाएं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ पैरंट्स अपने बच्चे की क्षमता को समझ नहीं पाते हैं।

अब देखना होगा कि राष्ट्रपति के इस बयान में सियासी और सामाजिक हल्के में किस तरह लिया जाता है। कहीं अगर बात का बतंगड़ बना तो देश में एक बार फिर से बीफ बहस का मुद्दा बन जायेगा।